सेमीकॉन 2.0 से भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम होगा मजबूत

Ankalan 18/9/2026

नई दिल्ली । भारत ने अपने सेमीकंडक्टर मिशन को अगले चरण में ले जाने की दिशा में ‘सेमीकॉन 2.0’ की शुरुआत की है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकॉन 1.0 का उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर उद्योग की बुनियाद तैयार करना था, जबकि सेमीकॉन 2.0 के तहत पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और वैल्यू चेन को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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,  सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए वैष्णव ने बताया कि सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन निवेशों से अगले दो-तीन वर्षों में लगभग 1 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। कंपनियां अपने बोर्ड और शेयरधारकों की मंजूरी के बाद निवेश की औपचारिक घोषणाएं करेंगी।
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,  छह प्रमुख स्तंभों पर बनेगा इकोसिस्टम
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,  सेमीकॉन 2.0 के तहत सरकार ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास के लिए छह प्रमुख स्तंभ निर्धारित किए हैं। इनमें डिजाइन इकोसिस्टम, मशीन एवं सामग्री, फैब, एडवांस्ड पैकेजिंग, अनुसंधान एवं विकास तथा प्रतिभा विकास शामिल हैं।
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,  डिजाइन क्षेत्र में सरकार का लक्ष्य 200 सेमीकंडक्टर डिजाइन स्टार्टअप्स को सहायता देना है। पहले चरण में समर्थित 105 स्टार्टअप्स में से 20 को वेंचर कैपिटल फंडिंग मिल चुकी है। अब चिप डिजाइन के साथ कंपनियों को सिस्टम डिजाइन की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
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,  मशीन एवं सामग्री के क्षेत्र में भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरण, गैस, रसायन और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग का घरेलू आधार मजबूत किया जाएगा। वहीं विभिन्न तकनीकों में डिस्प्ले, मेमोरी, सिलिकॉन, कंपाउंड और लॉजिक फैब्स की निर्माण क्षमता बढ़ाने की योजना है।
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,  एडवांस्ड पैकेजिंग को भी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है। इसके अलावा उद्योग, सरकार और अकादमिक संस्थानों के सहयोग से एप्लाइड आरएंडडी को बढ़ावा दिया जाएगा।
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,  पांच वर्षों में एक लाख तकनीशियन होंगे प्रशिक्षित
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,  प्रतिभा विकास के तहत पांच वर्षों में 1 लाख तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। लगभग 400 विश्वविद्यालय और संस्थान पहले से चिप-डिजाइन शिक्षा से जुड़े हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उद्योग और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की भागीदारी होगी, जिसमें ताइवान का ITRI भी शामिल है।
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,  11 एमओयू और कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
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,  सेमीकॉन इंडिया 2026 में सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए 11 समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ और कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने नेक्सपेरिया, फुजीफिल्म, जेएसआर, BESI, सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला और गति शक्ति विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों के साथ सहयोग समझौते किए।
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,  धोलेरा में 363 एकड़ के वेंडर पार्क के विकास, सेमीकंडक्टर सामग्री के स्वदेशीकरण, एडवांस्ड पैकेजिंग, प्रतिभा विकास और सप्लाई चेन लोकलाइजेशन पर भी समझौते हुए। इसके साथ ही देश में चिप डिजाइन क्षमताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए छह ChipIN क्षेत्रीय केंद्रों की घोषणा की गई।
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,  वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर विशेष जोर
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,  वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के चयन से लेकर उत्पादन तक गुणवत्ता और लागत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता महत्वपूर्ण मानदंड होंगे। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करना नहीं, बल्कि उनके आसपास कैपिटल इक्विपमेंट, सामग्री, गैस, रसायन, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन का फुल-स्टैक इकोसिस्टम तैयार करना है।
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,  52 देशों की भागीदारी
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,  नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 में 600 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं। सम्मेलन में 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से अधिक अधिकारी और 150 से अधिक वक्ता शामिल हैं। लगभग 50,000 आगंतुकों के पहुंचने की उम्मीद है। छह कंट्री पैवेलियन, 12 राज्य बूथ, स्टार्टअप पैवेलियन, इनोवेशन शोकेस, स्टूडेंट हैकाथॉन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पैवेलियन भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।

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