भारत मंडपम में पीएम मोदी के साथ पुतिन, जिनपिंग समेत नौ देशों के प्रतिनिधियों ने किया संयुक्त पौधारोपण
नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम के बाहरी लॉन में वैश्विक एकजुटता और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रमुख नेताओं एवं प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से पौधारोपण किया।
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,  इस विशेष कार्यक्रम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान तथा ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ पौधारोपण किया।
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,  कार्यक्रम के दौरान सभी नेताओं ने एक साथ खड़े होकर पारंपरिक ‘फैमिली फोटो’ भी खिंचवाई। इसके बाद नेताओं ने भारत मंडपम के लॉन में पौधे लगाए। यह आयोजन ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
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,  18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की व्यापक थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण रही। इसी भावना के अनुरूप संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम ने सम्मेलन के पर्यावरणीय और सतत विकास संबंधी संदेश को और मजबूत किया।
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,  ब्रिक्स अब 11 सदस्य देशों का विस्तृत समूह है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। हालांकि 12 सितंबर के पौधारोपण कार्यक्रम में ब्राजील का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री माउरो विएरा ने किया और सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने किया।
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,  भारत मंडपम के लॉन में हुआ यह पौधारोपण समारोह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सबसे महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक क्षणों में शामिल रहा। दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आए नेताओं का एक साथ पौधा लगाना इस बात का संदेश है कि आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी वैश्विक साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार है।