भारत-श्रीलंका संबंधों की मजबूत नींव है साझा सांस्कृतिक विरासत : ओम बिरला
नई दिल्ली : ओम बिरला ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध हैं, जो दोनों देशों की मित्रता की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि साझा बौद्ध विरासत आज भी दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ बना रही है।
,  संसद भवन में श्रीलंका के ‘महिला सांसद कॉकस’ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच बढ़ता संसदीय संवाद आपसी सहयोग और समझ को नई दिशा दे रहा है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुश्री सरोजा सावित्री पॉलराज कर रही थीं।
,  बिरला ने कहा कि भारत में महिलाओं की भूमिका लगातार सशक्त हो रही है और देश का दृष्टिकोण अब “महिलाओं के विकास” से आगे बढ़कर “महिलाओं के नेतृत्व में विकास” की ओर केंद्रित हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को नीति निर्माण, नेतृत्व और शासन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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,  उन्होंने बताया कि नए संसद भवन में पारित पहला कानून ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ था, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। इसे उन्होंने भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
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,  लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि देश के कई राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। आज देशभर में 14 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि स्थानीय शासन और सामुदायिक विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
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,  महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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,  इस अवसर पर सुश्री सरोजा सावित्री पॉलराज ने भारत सरकार और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस यात्रा से श्रीलंका की महिला सांसदों को भारत की महिला सशक्तिकरण योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों और डिजिटल कॉमर्स के क्षेत्र में हो रहे कार्यों को समझने का अवसर मिला है। उन्होंने कोविड-19 महामारी और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान श्रीलंका को सहयोग देने के लिए भारत का धन्यवाद भी किया।