कूच बिहार हेरिटेज एयरपोर्ट और सिविल-मिलिट्री एयरबेस को पुनः चालू किया जाए - नागेन्द्र राय
नई दिल्ली, 16 मार्च: राज्यसभा सांसद नागेंद्र राय ने उत्तर बंगाल के ऐतिहासिक कूच बिहार हेरिटेज एयरपोर्ट को पुनः स्थापित कर उसका संचालन शुरू करने तथा उसे नागरिक और सैन्य उपयोग के लिए द्वि-उद्देश्यीय एयरबेस के रूप में विकसित करने की राज्य सभा में मांग उठाई है।
,  इस संबंध में उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि यह पहल क्षेत्रीय संपर्क, आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।सांसद ने अपने पत्र में कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के निकट स्थित कूच बिहार हेरिटेज एयरपोर्ट ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है।
,  महाराजा कूच बिहार के शासनकाल में स्थापित इस एयरपोर्ट ने प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विमानन गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
,  उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक एयरपोर्ट का पुनर्जीवन और आधुनिकीकरण उत्तर बंगाल क्षेत्र में विमानन अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान समय में उत्तर बंगाल क्षेत्र आर्थिक और रणनीतिक रूप से तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है, लेकिन वहां विमानन सुविधाएं अभी भी अपेक्षाकृत सीमित हैं।
,  ऐसे में कूच बिहार एयरपोर्ट के पुनः संचालन से क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा व्यापार और वाणिज्यिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। इसके साथ-साथ चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और अन्य आपातकालीन सेवाओं तक भी त्वरित पहुंच संभव हो सकेगी।सांसद राय ने पत्र में कहा कि यदि इस एयरपोर्ट को नागरिक उड्डयन के साथ-साथ सैन्य उपयोग के लिए भी विकसित किया जाता है, तो संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में सामरिक तैयारी और लॉजिस्टिक क्षमता को मजबूत किया जा सकेगा। उन्होंने विशेष रूप से सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे आमतौर पर “चिकन नेक” कहा जाता है, का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण सामरिक गलियारा है।
,  उन्होंने यह भी बताया कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में स्थित लालमोनिरहाट एयरबेस की भौगोलिक निकटता को देखते हुए इस क्षेत्र में मजबूत विमानन अवसंरचना का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता के लिए आवश्यक है। ऐसे में कूच बिहार एयरपोर्ट का विकास रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण कदम होगा।
,  अपने प्रस्ताव में सांसद ने एयरपोर्ट के व्यापक आधुनिकीकरण का सुझाव देते हुए रनवे के सुदृढ़ीकरण और विस्तार, आधुनिक नेविगेशन एवं संचार प्रणालियों की स्थापना, अत्याधुनिक यात्री टर्मिनल भवन के निर्माण, सुरक्षा अवसंरचना के विकास तथा कार्गो और लॉजिस्टिक सुविधाओं की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया है।
,  इसके अलावा बेहतर सड़क संपर्क और अन्य सहायक अवसंरचनाओं के विकास की भी आवश्यकता बताई गई है।उन्होंने कहा कि इस तरह का समग्र विकास न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करेगा, निवेश को आकर्षित करेगा और उत्तर बंगाल तथा आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति देगा।सांसद ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनुरोध किया है कि कूच बिहार हेरिटेज एयरपोर्ट के पुनर्जीवन, आधुनिकीकरण और द्वि-उद्देश्यीय विकास के प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर शुरू की जाए।