कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर डीजीएचएमओडब्ल्यूए द्वारा सफलतापूर्वक सीएमई का आयोजन
नई दिल्ली: Delhi Government Homoeopathic Medical Officers Welfare Association (डीजीएचएमओडब्ल्यूए) द्वारा “स्वास्थ्य सेवा एवं होम्योपैथी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)” विषय पर एक सफल सतत् चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आयुष निदेशालय, जीएनसीटी दिल्ली के एचओओ डॉ. अमृत कालसी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
,  इस शैक्षणिक सत्र में राजधानी के अनेक होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका तथा होम्योपैथी में उसके व्यावहारिक उपयोग पर प्रकाश डालना था। विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल तकनीक और एआई आधारित उपकरण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सटीक और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
,  कार्यक्रम में डॉ. जीतेश, डॉ. सुनील कनाडा, डॉ. कुंदन तथा Delhi Technological University (डीटीयू) की सहायक प्रोफेसर डॉ. अंकिता सहित कई विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने क्लीनिकल प्रैक्टिस, रोगी डेटा प्रबंधन, शोध कार्य, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एआई चिकित्सकों का विकल्प नहीं, बल्कि एक सहायक उपकरण के रूप में कार्य करेगा, जो निर्णय प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ बना सकता है।
,  विशेषज्ञों ने कहा कि होम्योपैथी की व्यक्तिगत और समग्र उपचार पद्धति को बनाए रखते हुए एआई के माध्यम से बड़े पैमाने पर डेटा विश्लेषण, रोगी इतिहास का बेहतर संकलन और शोध को गति दी जा सकती है। साथ ही, डेटा सुरक्षा और नैतिक उपयोग के पहलुओं पर भी जोर दिया गया।
,  सीएमई के साथ-साथ एक सामान्य सभा (जीबीएम) का भी आयोजन किया गया, जिसमें अध्यक्ष डॉ. बी. एल. मीणा, उपाध्यक्ष डॉ. डी. एस. सोलंकी, महासचिव डॉ. राम कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ. अख्तर एवं कार्यकारिणी समिति के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में संगठनात्मक मुद्दों, चिकित्सकों के हितों, सेवा संबंधी विषयों तथा पेशेवर उन्नति से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए।
,  कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ सीएमई और जीबीएम के सफल आयोजन पर सभी वक्ताओं, आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
,  डीजीएचएमओडब्ल्यूए ने इस अवसर पर पुनः अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वह शैक्षणिक उत्कृष्टता, चिकित्सकों के कल्याण और डिजिटल नवाचार के युग में होम्योपैथी के सशक्त विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।